माँ मुंडेश्वरी धाम 🚩 कैमूर की पावन धरती पर, पर्वत शिखर विराज, माँ मुंडेश्वरी के चरणों में, झुकता सारा समाज। सदियों से जलती आस्था, भक्ति का अनुपम दीप, माँ की कृपा से खिल उठता, हर जीवन का नसीब। अष्टकोण मंदिर की महिमा, इतिहास जिसका गान, हर पत्थर में बसता जैसे, देवी का वरदान। शिव और शक्ति संग विराजी, करतीं जग कल्याण, दूर-दूर से भक्त हैं आते, लेकर मन की थान। घंटों की गूंज, शंखों की ध्वनि, गूंजे चारों ओर, माँ के दर्शन से मिट जाते, दुख-संकट के छोर। हे मुंडेश्वरी जगदम्बे, रखना सब पर ध्यान, तेरे चरणों में समर्पित, मेरा तन-मन-प्राण। जय माँ मुंडेश्वरी! 🚩 - संतोष पांडेय ✍️
भभुआ - कैमूर की शान 🌿🏞️🚩 गंगा की संस्कृति, सोन की पहचान, कैमूर की धरती पर बसता भभुआ महान। जहाँ पर्वत गाते प्रकृति के गीत, हर मोड़ पर मिलता इतिहास और प्रीत। माँ मुंडेश्वरी का पावन धाम, विश्व के प्राचीन जीवंत मंदिरों में जिसका नाम, श्रद्धा जहाँ सदियों से जलती आई, भक्तों ने हर युग में माँ की महिमा गाई। तेल्हार कुंड की गिरती धार, हरियाली ओढ़े कैमूर की पहाड़, शीतल जल की मधुर पुकार, मन को कर दे बार-बार बेकरार। करकट जलप्रपात का अनुपम रूप, जंगल, झरने और प्रकृति का स्वरूप, मगरों की धरती, वन का श्रृंगार, पर्यटकों को खींचे बारंबार। कैमूर वन्यजीव अभयारण्य विशाल, जहाँ गूँजता प्रकृति का सुरमय जाल, हिरण, पक्षी और वन की मुस्कान, धरती का अनमोल वरदान। हर्सू ब्रह्मा, गुप्ता धाम का आशीष, भक्ति में मिलता मन को सुकून विशेष, हर मंदिर में संस्कृति का प्रकाश, हर कदम पर इतिहास का निवास। यहाँ के खेत, यहाँ की बोली, भोले लोगों की मीठी ठिठोली, अतिथि आए तो अपना बन जाए, भभुआ दिल में घर कर जाए। जो खोजे शांति, रोमांच और ज्ञान, भभुआ देता सबको सम्मान, कैमूर का यह अनमोल रत्न, बिहार का गौरव, भारत का धन। आओ भभुआ, आओ कैमू...