Skip to main content

Posts

Showing posts with the label कैमूर

भभुआ - कैमूर की शान

भभुआ - कैमूर की शान 🌿🏞️🚩 गंगा की संस्कृति, सोन की पहचान, कैमूर की धरती पर बसता भभुआ महान। जहाँ पर्वत गाते प्रकृति के गीत, हर मोड़ पर मिलता इतिहास और प्रीत। माँ मुंडेश्वरी का पावन धाम, विश्व के प्राचीन जीवंत मंदिरों में जिसका नाम, श्रद्धा जहाँ सदियों से जलती आई, भक्तों ने हर युग में माँ की महिमा गाई। तेल्हार कुंड की गिरती धार, हरियाली ओढ़े कैमूर की पहाड़, शीतल जल की मधुर पुकार, मन को कर दे बार-बार बेकरार। करकट जलप्रपात का अनुपम रूप, जंगल, झरने और प्रकृति का स्वरूप, मगरों की धरती, वन का श्रृंगार, पर्यटकों को खींचे बारंबार। कैमूर वन्यजीव अभयारण्य विशाल, जहाँ गूँजता प्रकृति का सुरमय जाल, हिरण, पक्षी और वन की मुस्कान, धरती का अनमोल वरदान। हर्सू ब्रह्मा, गुप्ता धाम का आशीष, भक्ति में मिलता मन को सुकून विशेष, हर मंदिर में संस्कृति का प्रकाश, हर कदम पर इतिहास का निवास। यहाँ के खेत, यहाँ की बोली, भोले लोगों की मीठी ठिठोली, अतिथि आए तो अपना बन जाए, भभुआ दिल में घर कर जाए। जो खोजे शांति, रोमांच और ज्ञान, भभुआ देता सबको सम्मान, कैमूर का यह अनमोल रत्न, बिहार का गौरव, भारत का धन। आओ भभुआ, आओ कैमू...

माँ मुंडेश्वरी मंदिर , कैमूर / Maa Mundeshwari Temple , Kaimur

माँ मुंडेश्वरी मंदिर , कैमूर यह मंदिर बिहार के कैमूर जिले के भगवानपुर गाँव में कैमूर पर्वतश्रेणी की पवरा पहाड़ी पर 608 फीट ऊंचाई पर स्थित है। देवी के इस मंदिर को भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है। वर्ष 1812 ई0 से लेकर 1904 ई0 के बीच ब्रिटिश यात्री आर. एन. मार्टिन , फ्रांसिस बुकानन और ब्लाक जैसे विदेशियों ने इस मंदिर का भ्रमण भी किया था I पुरातत्वविदों के अनुसार यहाँ से प्राप्त शिलालेख 389 ई0 के बीच का है , जो इसकी पुरानता को दर्शाता है I इस प्राप्त शिलालेख के अनुसार यह माना जाता है कि उदय सेन नामक क्षत्रप के शासन काल में इसका निर्माण हुआ होगा। मंदिर के नक्काशी और मूर्तियाँ उतरगुप्तकालीन है I यह पत्थर से बना हुआ अष्टकोणीय मंदिर है I इस मंदिर के पूर्वी खंड में देवी मुण्डेश्वरी की पत्थर से बनी भव्य व प्राचीन मूर्ति आकर्षण का मुख्य केंद्र है I माँ वाराही रूप में विराजमान है, जिनका वाहन महिष है I मंदिर में प्रवेश के चार द्वार हैं , जिसमे एक को बंद कर दिया गया है और एक अर्ध्द्वर है I इस मंदिर के मध्य भाग में पंचमुखी शिवलिंग स्थापित है I जिस पत्थर से यह पंचमुखी श...