माँ मुंडेश्वरी धाम 🚩 कैमूर की पावन धरती पर, पर्वत शिखर विराज, माँ मुंडेश्वरी के चरणों में, झुकता सारा समाज। सदियों से जलती आस्था, भक्ति का अनुपम दीप, माँ की कृपा से खिल उठता, हर जीवन का नसीब। अष्टकोण मंदिर की महिमा, इतिहास जिसका गान, हर पत्थर में बसता जैसे, देवी का वरदान। शिव और शक्ति संग विराजी, करतीं जग कल्याण, दूर-दूर से भक्त हैं आते, लेकर मन की थान। घंटों की गूंज, शंखों की ध्वनि, गूंजे चारों ओर, माँ के दर्शन से मिट जाते, दुख-संकट के छोर। हे मुंडेश्वरी जगदम्बे, रखना सब पर ध्यान, तेरे चरणों में समर्पित, मेरा तन-मन-प्राण। जय माँ मुंडेश्वरी! 🚩 - संतोष पांडेय ✍️